8th Pay Commission update: DA Hike की तैयारी ! अब सरकारी कर्मचारियों को बढ़ेगी सैलरी!!

8th Pay Commission update: 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल अब खत्म हो चुका है। ऐसे में 8वें वेतन आयोग की चर्चा अब तेज हो रही है। हर केंद्रीय सरकारी कर्मचारी के दिमाग में यही सवाल है कि जब नया वेतन आयोग लागू होगा, तो आखिर एरियर कितना मिलेगा।

अभी सरकार ने न तो 8वें वेतन आयोग लागू होने की कोई तय तारीख बताई है और न ही यह साफ किया है कि इसे कब से लागू किया जाएगा। लेकिन अगर पुराने वेतन आयोगों का इतिहास देखें, तो एक चीज हर बार कॉमन रही है। सिफारिशें लागू होने में देर होती है, लेकिन वेतन को पिछली तारीख से लागू माना जाता है। इसी वजह से कर्मचारियों को मोटा एरियर मिलता है।पहले भी ऐसा ही हुआ था। 6वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2006 से पिछली तारीख से लागू किया गया था और 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से।

सरकार ने अभी यह आधिकारिक तौर पर नहीं कहा है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। लेकिन, कर्मचारी संगठनों और जानकारों का मानना है कि इस बार भी वही तरीका अपनाया जा सकता है। यानी लागू करने में देरी होगी, लेकिन फायदा पिछली तारीख से मिलेगा।

एरियर कितने समय का बन सकता है?

अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में 18 से 24 महीने लगते हैं, तो उतने ही समय का एरियर बन सकता है। यही वजह है कि एरियर की रकम पर इतनी चर्चा हो रही है। लेकिन एरियर का अंदाजा लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि पिछली बार सैलरी में असल बदलाव कितना हुआ था।

6वें वेतन आयोग में लेवल-1 की सैलरी कैसी थी?

6वें वेतन आयोग में सैलरी पे बैंड और ग्रेड पे सिस्टम से होती थी। लेवल-1 के बराबर कर्मचारी का बेसिक पे 7,000 रुपये था। उस पर 125 प्रतिशत डीए मिलता था। इसके अलावा HRA शहर के हिसाब से 30, 20 या 10 प्रतिशत और ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी मिलता था।
इन सबको मिलाकर कुल मासिक ग्रॉस सैलरी X शहर में करीब 19,200 रुपये, Y शहर में 18,050 रुपये और Z शहर में 17,350 रुपये के आसपास थी।

7वां वेतन आयोग लागू होने पर क्या बदला?

7वें वेतन आयोग में ग्रेड पे सिस्टम खत्म कर दिया गया और पे मैट्रिक्स लागू की गई। लेवल-1 के लिए बेसिक पे सीधे 18,000 रुपये तय किया गया। उस समय डीए शून्य था, क्योंकि 125 प्रतिशत डीए को बेसिक में मर्ज कर दिया गया था। एचआरए और ट्रांसपोर्ट अलाउंस नए बेसिक पर कैलकुलेट हुए। इस बदलाव के बाद शुरुआती ग्रॉस सैलरी X शहर में करीब 24,000 रुपये, Y शहर में 22,000 रुपये और Z शहर में 20,200 रुपये हो गई।

24 महीने का एरियर कितना बनेगा?

अगर नई सैलरी 24 महीने पिछली तारीख से लागू होती है, तो कुल एरियर करीब 2,17,440 रुपये बनता है। यानी लेवल-1 का एक केंद्रीय कर्मचारी करीब 2.17 लाख रुपये का एरियर पा सकता है। इसका मतलब है कि ऊपर के स्तर पर एरियर की रकम ज्यादा होती जाएगी।

यह पूरा हिसाब सरकार के किसी फैसले पर नहीं, बल्कि अनुमानों पर आधारित है। फिटमेंट फैक्टर कम या ज्यादा हो सकता है। कुछ अलाउंस बदले या खत्म किए जा सकते हैं। सरकार कोई अलग वेतन संशोधन फार्मूला भी ला सकती है। इसी वजह से अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं।

लाखों में हो सकती है एरियर की रकम

अब मौजूदा हालात को देखते हुए मान लेते हैं कि 8वां वेतन आयोग करीब दो साल की देरी से लागू होता है। सरकार पिछली बार जैसा ही ढांचा अपनाती है, तो एरियर की रकम लाखों रुपये तक जा सकती है, यहां तक कि एंट्री लेवल कर्मचारियों के लिए भी।

लेवल-1 कर्मचारी के लिए 24 महीने की देरी का मतलब करीब 2.17 लाख रुपये का एरियर हो सकता है। लेकिन असली तस्वीर तभी साफ होगी, जब वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट देगा और सरकार उस पर अंतिम फैसला लेगी।

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